उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दो बड़े फैसले लिए गए हैं, जो राज्य की जनता और औद्योगिक विकास दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं। यहाँ इन फैसलों का विस्तृत विवरण है:
1. संपत्ति दान हुआ सस्ता (Stamp Duty Relief on Property Gift Deed)
यह फैसला उन परिवारों के लिए बड़ी राहत है जो अपनी संपत्ति (दुकान, फैक्ट्री या व्यवसाय) अपने बच्चों या परिजनों के नाम करना चाहते हैं।
* बड़ा बदलाव: अब व्यावसायिक (Commercial) और औद्योगिक (Industrial) संपत्तियों को भी परिवार के सदस्यों के बीच दान (Gift Deed) करने पर स्टांप ड्यूटी में भारी छूट मिलेगी।
* नई लागत: अब ऐसी संपत्तियों की गिफ्ट डीड पर संपत्ति की कीमत का प्रतिशत देने के बजाय मात्र ₹5,000 की स्टांप ड्यूटी और 1% रजिस्ट्रेशन शुल्क (निबंधन शुल्क) देना होगा।
* पहले क्या था: इससे पहले यह छूट केवल आवासीय (Residential) और कृषि (Agricultural) भूमि तक सीमित थी। दुकानों या फैक्ट्रियों को ट्रांसफर करने पर शहरी क्षेत्रों में संपत्ति की कीमत का लगभग 7% और ग्रामीण क्षेत्रों में 5% खर्च करना पड़ता था, जो अब घटकर फिक्स ₹5,000 हो गया है।
* लाभार्थी: इसमें पति-पत्नी, पुत्र-पुत्री, पौत्र-पौत्री, बहू, दामाद और सगे भाई-बहन जैसे करीबी रिश्तेदार शामिल हैं।
2. जीसीसी नीति की एसओपी को मंजूरी (GCC Policy SOP Approved)
कैबिनेट ने 'ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC)' पॉलिसी-2024 के कार्यान्वयन के लिए SOP (मानक संचालन प्रक्रिया)-2025 को मंजूरी दे दी है।
* उद्देश्य: इसका मकसद उत्तर प्रदेश को आईटी (IT), रिसर्च (R&D), बैंकिंग और फाइनेंस जैसी उच्चस्तरीय सेवाओं का ग्लोबल हब बनाना है।
* क्या है GCC: यह बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) द्वारा स्थापित किए जाने वाले सेंटर होते हैं जो पूरी दुनिया में उनके कामकाज (जैसे टेक सपोर्ट, डिजाइन, एनालिटिक्स) को संभालते हैं।
* सरकार क्या देगी (Incentives):
* जमीन पर सब्सिडी।
* स्टांप ड्यूटी में छूट।
* कैपिटल सब्सिडी और ब्याज में छूट।
* कर्मचारियों की ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट के लिए आर्थिक मदद।
* नोडल एजेंसी: 'इन्वेस्ट यूपी' (Invest UP) को इसके लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। सरकार का दावा है कि इस पॉलिसी के तहत 21 कंपनियों ने निवेश की प्रक्रिया शुरू भी कर दी है।
सारांश:
जहाँ एक तरफ संपत्ति दान वाले फैसले से आम आदमी और छोटे व्यापारियों को पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे में आसानी होगी और कानूनी विवाद कम होंगे, वहीं दूसरी तरफ GCC पॉलिसी से प्रदेश में व्हाइट-कॉलर जॉब्स (उच्च स्तरीय नौकरियों) के अवसर बढ़ेंगे।
