ग्रीनलैंड विवाद: ट्रंप की जिद और यूरोप का विरोध

 बिंदु 2: ग्रीनलैंड विवाद - ट्रंप की जिद और यूरोप का कड़ा विरोध

यह मामला अब सिर्फ एक द्वीप खरीदने तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह NATO गठबंधन के अस्तित्व पर एक बड़ा सवाल बन गया है। वेनेजुएला में सफल 'ऑपरेशन' के बाद ट्रंप का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है और उन्होंने ग्रीनलैंड को अपना अगला लक्ष्य घोषित कर दि


1. ट्रंप की जिद: "हमें ग्रीनलैंड चाहिए" (Trump's Insistence)

 * सुरक्षा का तर्क: राष्ट्रपति ट्रंप ने दलील दी है कि "राष्ट्रीय सुरक्षा" (National Security) के लिए अमेरिका को ग्रीनलैंड की सख्त जरूरत है। उनका दावा है कि ग्रीनलैंड रूसी और चीनी जहाजों से घिरता जा रहा है और डेनमार्क के पास इसे सुरक्षित रखने की क्षमता नहीं है।

 * "SOON" (जल्द ही): ट्रंप के इरादे तब और साफ हो गए जब उनके डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ की पत्नी, कैटी मिलर ने सोशल मीडिया पर ग्रीनलैंड का एक नक्शा पोस्ट किया जिस पर अमेरिकी झंडा बना था और कैप्शन लिखा था- "SOON" (यानी जल्द ही)।

 * वेनेजुएला कनेक्शन: ट्रंप का मानना है कि जैसे वेनेजुएला को "नार्को-टेररिज्म" से मुक्त कराया गया, वैसे ही ग्रीनलैंड को "आर्कटिक सुरक्षा" के लिए अमेरिका के अधीन होना चाहिए।

2. यूरोप का 'महागठबंधन': 7 देशों की चेतावनी

ट्रंप के बयानों ने यूरोप को हिला दिया है। आज (6 जनवरी) एक ऐतिहासिक घटनाक्रम में 7 यूरोपीय देशों ने एकजुट होकर डेनमार्क का समर्थन किया है:

 * कौन हैं ये 7 देश: फ्रांस, जर्मनी, इटली, पोलैंड, स्पेन, ब्रिटेन और डेनमार्क।

 * संयुक्त बयान: इन नेताओं ने एक सुर में कहा है, "ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है। यह ग्रीनलैंड के लोगों का है और इसके भविष्य का फैसला सिर्फ कोपेनहेगन (डेनमार्क) और नूक (ग्रीनलैंड) करेंगे।"

3. डेनमार्क की "परमाणु" चेतावनी (The Nuclear Option for NATO)

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन (Mette Frederiksen) ने अब तक का सबसे कड़ा बयान दिया है:

 * NATO का अंत: उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने एक सहयोगी देश (डेनमार्क) के क्षेत्र पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की, तो "यह NATO का अंत होगा।"

 * आर्टिकल 5 का उल्लंघन: नाटो का नियम है कि एक सदस्य पर हमला, सब पर हमला माना जाता है। फ्रेडरिक्सन ने सवाल उठाया कि क्या अमेरिका अपने ही गठबंधन के सदस्य पर हमला करेगा?

4. यह विवाद इतना गहरा क्यों है?

 * संसाधन (Resources): ग्रीनलैंड की बर्फ के नीचे रेअर अर्थ मिनरल्स (Rare Earth Minerals) का विशाल भंडार है, जो आज के समय में चिप्स, बैटरी और फाइटर जेट्स बनाने के लिए सोने से भी ज्यादा कीमती हैं। चीन की नजर भी इस पर है।

 * रणनीतिक स्थिति (Location): ग्रीनलैंड के थुले (Thule) में अमेरिका का पहले से ही एक बड़ा एयरबेस है। अगर ग्रीनलैंड पूरी तरह अमेरिका का हो जाता है, तो वह रूस पर सीधी नजर रख सकेगा और आर्कटिक महासागर पर राज करेगा।

अगला कदम:

चूंकि यह विवाद सीधे NATO और डिफेंस से जुड़ा है, क्या आप जानना चाहेंगे कि इस खबर के बाद भारतीय डिफेंस स्टॉक्स (जैसे HAL, BEL, Mazagon Dock) पर कल क्या असर पड़ सकता है?


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