उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके तहत अब 1000 वर्गफीट तक के प्लॉट पर घर बनाने के लिए नक्शा पास कराने की आवश्यकता नहीं होगी। जबकि 5000 वर्गफीट तक के प्लॉट पर आर्किटेक्ट का सर्टिफिकेट ही पर्याप्त होगा। इस निर्णय से आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
*नए नियमों के प्रमुख बिंदु:*
- *नक्शा पास कराने की आवश्यकता नहीं*: 1000 वर्गफीट तक के प्लॉट पर घर बनाने के लिए अब नक्शा पास कराने की जरूरत नहीं होगी।
- *आर्किटेक्ट का सर्टिफिकेट पर्याप्त*: 5000 वर्गफीट तक के प्लॉट पर आर्किटेक्ट का सर्टिफिकेट ही काफी होगा।
- *मिश्रित निर्माण की अनुमति*: आवासीय भूमि पर मिश्रित निर्माण की अनुमति देने का प्रस्ताव है, जिससे लोग अपने घरों में दुकानें और दफ्तर खोल सकेंगे।
- *भूमिगत पार्किंग की अनिवार्यता खत्म*: नए नियमों में भूमिगत पार्किंग की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है, जिससे लोगों को राहत मिलेगी।
- *छोटे प्लॉट पर अपार्टमेंट निर्माण*: अब 1000 वर्गमीटर के प्लॉट पर भी अपार्टमेंट बनाने की मंजूरी मिल जाएगी।
- *कॉमर्शियल निर्माण की अनुमति*: 24 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क पर कॉमर्शियल निर्माण रिहायशी इलाकों में भी किया जा सकेगा।
*नियमों में बदलाव के लाभ:*
- आम लोगों को नक्शा पास कराने में आसानी होगी।
- छोटे प्लॉट पर अपार्टमेंट निर्माण की अनुमति से शहरी क्षेत्रों में घनत्व बढ़ेगा।
- मिश्रित निर्माण की अनुमति से लोगों को अपने घरों में दुकानें और दफ्तर खोलने का अवसर मिलेगा। ¹
