वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी ने बुधवार को लोकसभा में नया केंद्रीय बजट में इनकम टैक्स की नई व्यवस्था के तहत 7 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी वाले टैक्स को टैक्स मुक्त करने का ऐलान कर दिया किया .
इसके साथ ही इन्होंने इनकम टैक्स के स्लैब को भी 6% से कम कर के 5% कर दिया है. इनकम टैक्स की उन श्रेणियों में शून्य से 3 लाख रुपये तक की आमदनी वाले लोगों पर टैक्स जीरो कर दिया है पर 3 लाख 1 हजार से 6 लाख रुपये तक के स्लैब में 5 फीसदी टैक्स निर्धारित कर दिया गया है. अब उन लोगो के सामने कई सवाल मन में पैदा हो रहा होगा जब सरकार ने 7 लाख रुपये तक की सालाना आय वालो को करमुक्त कर दिया है
तब तो फिर 6 लाख की आमदनी वालो पर 5 फीसदी कर कैसे लगेगा ? पर आम आदमी के मन में सवाल पैदा हो रहा होगा सवाल को दूर करने के लिए हमने चार्टर्ड एकाउंटेंट से बात की. तब पता चला नई कर व्यवस्था के तहत लगने वाले टैक्स. नई आयकर व्यवस्था को बजट 2021-2022में पेश कर दिया गया था. बिना किसी कटौती के 7 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वालो पर कोई कर नहीं लगाया जाएगा. यदि वार्षिक आय 7 लाख रुपये से अधिक है
तब उस पर कर लगेगा. आयकर स्लैब की संख्या छह से घटाकर पांच कर दी गई है.3 से 6 लाख रुपये पर 5% और छह से 9 लाख रुपये पर 10%, 9 लाख रुपये से 12 लाख रुपये पर 15% और 12 लाख रुपये से 15 लाख रुपये 20% और 15 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30% कर का भुगतान करना पड़ेगा 7 लाख रुपये तक इनकम टैक्स फ्री है 6 लाख पर 5 फीसदी टैक्स कैसे देना है
नई कर व्यवस्था के तहत लगने वाले कर को अगर किसी व्यक्ति का सालाना इनकम 7 लाख रुपये है तब उस आदमी पर कोई कर नहीं लगेगा . पर , उसकी आदमनी 7 लाख 1 हजार रुपये हो जाता है तब उसे वह शून्य से 3 लाख वाली श्रेणी में नही शामिल हो पाएगा परन्तु उसे कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा. जिसकी सालाना आमदनी 10 लाख रुपये तक है वो नई कर व्यवस्था के तहत कर के दायरे में आ जाता है , 5 लाख रुपये तक की आय को कर मुक्त रखा गया है और सैलरी वालो के लिए कौन सी कर व्यवस्था में फायदेमंद मिलेगा
सैलरी वालो और कोई अन्य. को कितनी छूट मिल रही है . उसमें ये देखा जा रहा की . 80% के तहत कितनी छूट मिल रही है . 80सीसीडी के तहत कितनी छूट मिलेगी. इसमें आप लोगों को केस टू केस स्टडी करना पड़ता है और फिर तय करते है कि कितना छूट मिला . और इसके लिए कोई रूल या विशेष नियम नहीं बनाया गया है
पुरानी कर व्यवस्था में रहना उचित है या नई कर व्यवस्था में फायदा है आइए जाने.
चार्टर्ड एकाउंटेंट के तहत यह बता पाना कठिन होगा उन्होंने कहा कि अगर कोई 7 लाख रुपये से अधिक की आय होता है, तब तो नई कर व्यवस्था में रहना फायदेमंद होगा . यहीं, अगर 7 लाख रुपये से अधिक की इनकम है तब तो किसी से कैलकुलेट कराने के बाद तय किया जा सकता है. वेतन बता देने से पुराने और नये कर व्यवस्था के फायदे और नुकसान के बारे में पता नहीं लगा सकते . इसके लिए यह देखना पड़ता है कि छूट कितनी मिल रहा है. इसमें 80सी, 80सीसीडी, 80यू, 80टी के तहत मिलने वाली कर छूट को देखना पड़ सकता है . पर केवल वेतन की ही बात करते हैं तब तो किसी की सालाना इनकम 16 लाख से अधिक है तो नई कर व्यवस्था में रहना ही फायदा होगा . नई कर व्यवस्था में 80सी और 80सीसीडी के तहत छूट मिलेती है.
इन्होंने नई कर व्यवस्था के तहत 80सी, 80सीसीडी के तहत कर छूट नहीं मिलेगा यह केवल पुरानी व्यवस्था में ही लागू रहेगा. नई कर व्यवस्था के तहत किसी भी करदाता को छूट का लाभ नहीं मिल पायेगा.




